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Authors

Dr. Ravinandan
Book Published (1)

डॉ. रविनन्दन
पिता - श्री बिन्देश्वर ठाकुर
माता - स्व. जयमन्ती देवी
जन्म - 4 जनवरी 1972
स्थान - ग्राम एवं पोस्ट - डड़वाँ
थाना - उपहारा
जिला औरंगाबाद, बिहार
पिन - 824203
मोबाइल - 9931850983, 8789530946
पढ़ाई - मैट्रिक 1986 में गांधी स्मारक उच्च विद्यालय, गोह
IA 1988 डी एन कॉलेज दाऊदनगर से प्रथम श्रेणी
B.A (Hons.) 1991 में गया कॉलेज गया से प्रथम श्रेणी
M.A. (L.S.W.) 1993 मगध विश्वविद्यालय बोध गया से प्रथम श्रेणी
L.L.B. 1998 पटना लॉ कॉलेज
शोध - औरंगाबाद जिला के इट भट्ठा उद्योग में कार्यरत मजदूर की स्थिति
B.Ed. 2009 में NOU से प्रथम श्रेणी
PhD (2024)
सम्प्रति - प्रधानाध्यापक , रा. प्रा. वि. डुमरनू, गोह, औरंगाबाद।

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Dr. Sanjay Kumar
Book Published (1)

डॉ. संजय कुमार
माता का नाम : श्रद्धेया तेतरी देवी
पिता का नाम : श्रद्धेय फौजदार
जन्म तिथि : 01 दिसम्बर 1976
अभिरूचि : शिक्षण, लेखन एवं सामाजिक कार्य
शिक्षा : एम.एस-सी. (प्राणि विज्ञान),
एम.ए. (हिन्दी), एम.एड्., नेट (शिक्षाशास्त्र),
पी.एच-डी. (शिक्षाशास्त्र),
पी.जी.डी.वी.जी. सी.सी.,पी.जी.डी.आर.जे.एम.सी.,सी.एल.टी.ए.
सम्प्रति : असि.प्रोफेसर, बी.एड् विभाग,
बी.आर.डी.पी.जी.कालेज, देवरिया, (उ.प्र.)
प्रकाशन : जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्र एवं लेख- 20 से अधिक
विभिन्न पुस्तकों में प्रकाशित अध्याय- 10 से अधिक
पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित लेख एवं कविताएं- 10 से अधिक
राष्ट्ीय एवं अन्तर्राष्ट्ीय सेमिनार में प्रतिभाग
एवं शोध पत्र प्रस्तुति- 30 से अधिक
पुरस्कार एवं सम्मान : 1.  एक्सलेन्स इन टीचिंग एवार्ड
(बी.आर.डी.पी.जी.कालेज, देवरिया 2014)
2. एक्सलेन्स इन टीचिंग एवार्ड (विजनाना भारती खण्ड 3 एवं
बी.आर.डी.पी.जी. कालेज, देवरिया 2016)
3.यंग साइंटिस्ट एवार्ड (आस्था फाउन्डेशन 2022)
4.एक्सलेन्स इन टीचिंग एवार्ड (आस्था फाउन्डेशन 2023)
5.बेस्ट एकेडमीशियन एवार्ड ए.ई.ई.टी.डी.एस. लखनउ 2024
सम्पर्क सूत्र : 781, भगवान चौराहा, देवरिया खास,
देवरिया, उ0प्र0, पिन- 274001
मो. नं.- 9919623541, 8542840035

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Dr. Shalinee Pandya
Book Published (2)

Shalinee Pandya is an accomplished educator with over 14 years of experience teaching Vedic Mathematics. With a background in engineering and a Masters in Veda, Shalinee brings a unique perspective to the subject. As a mother and a scholar, Shalinee has a deep understanding of the importance of education and its impact on the world. In addition to teaching Vedic Mathematics, Shalinee has also created 6 sets of practice books to help students master the Vedic Mathematics Sutras. These books are designed to provide students with ample opportunity to practice and apply the techniques they learn in Shalinee's classroom. Shalinee's passion for Vedic Mathematics is evident in her dedication to helping students develop a deep understanding of the subject, as well as the practical skills they need to succeed." Shalinee's practice books for Vedic Mathematics are designed to provide students with comprehensive practice exercises based on each individual sutra. Each set of books focuses on a specific set of sutras and includes a wide range of problems that are designed to help students master the techniques and apply them to real-world scenarios. The practice problems are organized by difficulty level, allowing students to gradually build their skills and confidence as they progress through the book. In addition, each set of books includes detailed explanations and examples that demonstrate how the sutras can be applied to solve problems in a variety of contexts. By working through Shalinee's practice books, students are able to develop a deep understanding of the sutras and build the practical skills they need to excel in Vedic Mathematics."vedicmathematics.co nanhevvivekanand@gmail.com 9079686536  

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Dr. Snehlata Dwedi Aaryaa
Book Published (1)

डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’ डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’ एक आदर्श शिक्षिका, चिंतक और सांस्कृतिक-सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बोकारो स्टील सिटी, सिमडेगा, गुमला के विद्यालयों (झारखंड) में हुई तत्पश्चात विनोवाभावे विश्वविद्यालय से स्नातक एवम् रांची विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर और डॉक्ट्रेट की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें साहित्य संगम संस्थान, नई दिल्ली द्वारा उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’ ने कई साझा संग्रह में अपनी कविताएँ साझा की हैं, इसके अतिरिक्त 300 से अधिक कविताएँ विभिन्न पत्र पत्रिका अख़बार और अन्य देश-विदेश की साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आर्या मूलत: एक रचनाकार है कविता के क्षेत्र में तो उनका योगदान है ही शोध पत्रिकाओं में भी वेद में नारी की स्थिति और वेदों में पर्यावरणीय विचार आदि से संबंधित आलेख प्रकाशित हैं। गांधी दर्शन पर उनकी एक पुस्तक THE POLITICS OF SURVIVAL IN INDIA AND GANDHI बहुत प्रसिद्ध हुई। दुसरी पुस्तक ‘प्रेमाश्रु’ है। आर्या की कई लेख और कहानियाँ भी अख़बारों में जैसे रांची एक्सप्रेस वर्तमान अंकुर इत्यादि में प्रकाशित हुईं हैं। आर्या ने कविता की विविध विधाओं में अपनी लेखनी आजमाई है आॅनलाइन जगत में भी उन्होंने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज़ की है और उन्होंने ‘गूँज कलम की’ साहित्य संस्थान को स्थापित किया और इस मंच की अध्यक्ष हैं। हिंदी साहित्य जगत में आर्या को उनके साहित्यिक योगदान के लिए याद किया जाएगा। शिक्षक के रूप में भी आर्या अपनी बेहतर सेवा प्रदान करने की कोशिश करतीं हैं और एक सफल तथा लोकप्रिय शिक्षक हैं। उन्हें बिहार प्रांत में कई मंचों के द्वारा उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवा के लिए सम्मानित किया गया है और प्रांतीय स्तर पर बेस्ट टीचर का सम्मान भी उन्हें प्राप्त है। कई सामाजिक संस्थाओं से भी डॉक्टर स्नेहलता द्विवेदी आर्या जुड़ी हुई हैं उन्हें कबीर साहित्य के अनुवाद कार्य के लिए कबीर कोहिनूर सम्मान से नई दिल्ली में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सभागार में सम्मानित किया गया, इसके अतिरिक्त आर्या को 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हैं। आर्या ने अपनी साहित्य की यात्रा में कभी न रुकने का संकल्प लिया है। साहित्य की विनम्र सेवा के लिए आर्या कृत संकल्पित हैं और मानती हैं कि मानवीय भूल संभव है एवं परिमार्जन, शुद्धिकरण हमेशा मानव जीवन की प्राणशक्ति है व साहित्य अनुरागियों के लिए अनुकरणीय है। इस भाव से ही आर्या साहित्य सेवा में लगी हुई हैं और सभी सुधि पाठकों का सादर अभिवादन करते हुए अपनी इस रचना को स्वान्त: सुखाय सर्वजन हिताय के भाव से समर्पित कर रही हैं।

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Dr. Sunita Yadav
Book Published (1)

डॉ. सुनीता यादव जन्म-तिथि : 9 जून,1967 जन्म-स्थान : लखनऊ(उत्तर प्रदेश) पिता : श्री सुरेन्द्र सिंह यादव माता : श्रीमती अरुणा यादव शिक्षा : एम. ए., पीएच. डी. (लखनऊ विश्वविद्यालय) कार्यानुभव: राँची वीमेंस कॉलेज के हिन्दी विभाग में 27 वर्षों तक सेवा। संप्रति : एसोसिएट प्रोफेसर सह अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, राँची विश्वविद्यालय, राँची प्रकाशन: विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में शोध-आलेख एवं रचनाएँ प्रकाशित। मोबाइल नं. : 9835152016

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Dr. TC Rao
Book Published (5)

About the Author In the annals of success stories, there are few that can rival the remarkable journey of Dr TC Rao born into a poor family with a strong military background. Overcoming financial adversity and limited educational opportunities, he rose through the ranks of the Indian Army, pursued higher education and went on to establish a thriving business empire with diverse interests spanning multiple continents. Dr. TC Rao's early life was marked by financial constraints and a deep-rooted military heritage. However, his determination and perseverance led him to join the Indian Army's prestigious Kumaon Regiment as a soldier. He embarked on a remarkable academic journey, earning a Master's degree in four subjects and eventually completing a Ph.D. alongside his army duties. Following an illustrious military career, Dr. TC Rao ventured into the business world, establishing a security company as his first entrepreneurial endeavour. Through strategic diversification, he expanded his business interests into toll collection, highways construction and mining, both in India and overseas. His desire to go beyond boundaries, the exploration of mining opportunities, wood exports and housing and road construction projects overseas adds to his spirit of Dynamism. In addition to his remarkable achievements in the military and business arenas, Dr. TC Rao is also an accomplished author and has written on wide range of subjects including Rural Development, entrepreneurship and personal development. Dr. Rao has been working for veterans & Martyrs families under the banner of “Martyrs Foundation” NGO and rural and poor masses through Gramin Uthaan – Bharat Nirman for more than two decades.

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Dr. Virendra Bhati ‘mangal’
Book Published (6)

डॉ. वीरेन्द्र भाटी मंगल साहित्य, शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल विगत तीन दशक से समाज में सक्रिय है। चंदेरीनगरी के नाम से सुप्रसिद्ध लाडनूं में 05 अक्टूबर 1976 को पिता बाबूलाल जी भाटी व माता श्रीमती लक्ष्मीदेवी के घर जन्मे डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल हिन्दी साहित्य में एम.ए. (द्वय), पत्रकारिता में एम.ए., अहिंसा एवं शांति में एम. ए., पत्रकारिता में बीजेएमसी व घरेलू हिंसा विषय में पी.एच.डी. है। अब तक आपकी विविध विषयों की 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में आप स्तम्भकार के रूप में नियमित लेखन करते है। अब तक सैकड़ों की संख्या में आलेख प्रकाशित हो चुके हैं। राजस्थान दूरदर्शन एवं आकाशवाणी पर वातार्ओं, परिचचार्ओं व कहानियों का प्रसारण नियमित रूप से हो रहा है। 30 से अधिक राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र वाचन व सहभागिता की है। विगत 16 वर्षों से राष्ट्रीय सामाजिक समाचार पत्र सैनी सेतु टाईम्स का संपादन कर रहे है। राजस्थान सरकार सहित अनेक संस्थानों द्वारा दर्जनों साहित्यिक, शैक्षिक, सामाजिक व सांस्कृतिक सम्मान व पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें राजस्थान सरकार के द्वारा अनेक बार सम्मान, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा महात्मा गांधी हिन्दी लेखन द्विवार्षिक पुरस्कार, बाबा रामदेव वरिष्ठ सेवा सम्मान, महात्मा ज्योतिबा फूले सम्मान, राष्ट्रीय पथिक सम्मान आदि से सम्मानित किया जा चुका है। अनेकानेक सामाजिक संगठनों से जुड़े डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल कुशल वक्ता, मोटीवेशनल स्पीकर एवं मंच संयोजक के रूप में विख्यात है। पता- लक्ष्मी विलास, करन्ट बालाजी कॉलोनी, मंगलपुरा पो-लाडनूं 341306 जिला-डीडवाना कुचामन (राजस्थान) मो-9413179329, email: bhatimangal@gmail-com

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Dr. Vishnu Paandey
Book Published (1)

डॉ. विष्णु पाण्डेय 
जन्म स्थान : ग्राम, पो. कुरझण, रुद्रप्रयाग,
जिला रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड
प्राथमिक शिक्षा : कुरझण, रुद्रप्रयाग
प्रेरक शिक्षक : स्व. हरिराम पुरोहित एवं स्व. तुलसीराम शास्त्री
उच्च एवं उच्चतर शिक्षा : हरिद्वार - दसवीं से एम.ए., आचार्य तक
छ: वर्षों तक केन्द्रीय, प्रान्तीय तथा बिरला जी के अनेक ट्रस्टों से छात्रवृत्तियाँ प्राप्त की।
शिक्षा शास्त्री बी.एड. चण्डीगढ़ राज्य शिक्षा संस्थान से प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तीर्ण की
पी.एच्.डी. : सन्- 1981 पंजाब विश्वविद्यालय।
सम्पादन : गढ़-सुधा वार्षिक पत्रिका - 15 वर्षों तक
सेवा संस्कार - सेवा भारती संस्था, चण्डीगढ़।
प्रकाशित पुस्तकें -
1. संस्कार बोधिनी (हिन्दी) 2. जीवनियाँ
3. अनुपम स्थली अमरावती (हिन्दी) 4. बाल-बोधिनी (संस्कृत-हिन्दी)
5. बाल पाथेय (हिन्दी) 6. प्राच्य वाङ्मय को काश्मीर का योगदान
7. यह कैसा नवयुग आया? (हिन्दी) 8. जब भी हमने इसे सताया (हिन्दी)
9. भावांजलि भाग-2 (हिन्दी) 10. भावांजलि भाग-3 (हिन्दी)
11. सेवक बन सेवा में लीन एवं भावांजलि (हिन्दी)
12 ‘बाल पाथेय’ - भाग 2
अमुद्रित पुस्तकें -
1 श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा।
2. ब्रह्मर्षि सिद्धेश्वर स्वामी गुवार्नंद चालीसा।
सम्मान -
1. साहित्यिक एवं समाज सेवा के लिए अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित
2. 2002 में भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत।

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Father Jokim Thakur
Book Published (4)

फादर जोआकिम ठाकुर
निवास बाँसकोठी, क्रिश्चन कॉलोनी, पटना-11
जन्म 2 अप्रैल 1962
शिक्षा कोलकत्ता से फिलॉसफी और थियोलाँजी में डिग्री,
दिल्ली, नेस्कोर्ट से मिडिया में डिग्री
अभिरूचि नाटक लेखन
सम्प्रति स्वतंत्र लेखन
प्रकाशित कृतियाँ नाटक की पुस्तकें- ठाकुर की एकाँकियाँ
इतिहास लेखन मोकामा चर्च का इतिहास, तमिलनाडू वेलांकनी
                  चर्च का इतिहास, पटना 35 पॉरिश का इतिहास।
पाठ्य पुस्तक कक्षा पहली से आठवी कक्षा के लिए व्याकरण की पुस्तक
                कक्षा पहली से आठवी कक्षा के लिए नीति-शिक्षा की पुस्तक
                कक्षा पहली से आठवी कक्षा के लिए हिन्दी की पुस्तक
विशेष ‘‘मंजिल’’ नाम की फिल्म में अभिनय
डॉक्यूमेंटी फिल्म का निर्माता
ड्रामा का डायरेक्टर
मोबाइल नम्बर 9199804148
ईमेल Thakur. Joachim@ rediff mail. Com

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Ganesh Madulkar (Musafir)
Book Published (1)

गणेश मादुलकर का जन्म 5 सितम्बर को मध्यप्रदेश के हरदा जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ था। इनके पिता सेवानिवृत शिक्षक तथा माता गृहिणी हैं। आपने गाँव से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर हरदा, होशंगाबाद और भोपाल से उच्च शिक्षा प्राप्त की। किशोरावस्था से ही आप लिख रहे हैं। लेखन यात्रा अनवरत जारी है। आप ‘मुसाफ़िर’ नाम से साहित्य में अपनी पहचान बना रहें हैं। आप कविताएँ लिखने के साथ - साथ साहित्य की अन्य विधाओं में भी सतत् लिख रहे हैं जिसमें कहानियां, उपन्यास, डायरी, यात्रा वृतांत, संस्मरण आदि उल्लेखनीय है। मादुलकर साहित्यिक क्षेत्र के अलावा रंगकर्म में भी सक्रियता से अपना हस्तक्षेप रखते हैं। अपने रंगगुरु श्री संजय तेनगुरिया से रंगकर्म का ककहरा और बारीकियाँ सीख रहे हैं। अभी तक आपके 25 से अधिक साझा संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। आपके स्वभाव में यायावरी एवं व्यक्तित्व और कृतित्व में कबीर की गहरी छाप दिखाई देती है। आप मानवीय सम्बन्धों और संवेदनाओं को शब्द चित्रों से उकेरने का प्रयास कर रहे हैं।

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Guruji H Bhardwaj
Book Published (2)

GuruJi H Bhardwaj Writer & teacher of Vedic Radio Chairmen- Future Face Point Founder: Vedic Vidya International Point Jab, Mathura (Uttarpradesh)

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Harender Nath Shrivastava
Book Published (1)

हरेंद्र ‘हमदम’ दिलदारनगरी
पिता का नाम श्री कामता प्रसाद
माता का नाम - श्रीमती बसंती देवी
शिक्षा- स्नातकोत्तर (प्रथम) जंतु विज्ञान, एम बी ए, सीएआईआईबी, ज्योतिष और वास्तु में डिप्लोमा।
अभिरुचि- कविता, गीत, गÞजÞल एवं अन्य विधाओं में लेखन। नये विषय पढ़ने में रुचि, संगीत और नये स्थानों की सम्प्रति
सम्प्रति- सेवानिवृत्त, नियमित लेखन, अध्ययन, सामाजिक कार्य इत्यादि। अभी बंगलौर में रहते हैं परंतु वाराणसी के मूल निवासी हैं और ग्रेटर नोएडा (वेस्ट) में ज्यादातर समय रहते हैं।
इनको अपने लगभग 39 वर्षों की सेवा काल भारत के सभी दिशाओं (उत्तर, पश्चिम, पूरब दक्षिण सिर्फÞ पूर्वोत्तर छोड़कर) जाने का, कार्य करने का अनुभव है। सभी प्रदेशों के, क्षेत्रों के व्यक्तियों का संपर्क मिला, वहाँ की संस्कृति और परंपरा का ज्ञान हुआ। और सबसे अधिक, लोगों की मन की संवेदनाएँ, भावनायें, परस्पर संबंध, अनुभूतियाँ, आशा, निराशा, भूख, गरीबी, अमीरी, प्रेम, घृणा, भाईचारा, मानवता आदि गुणों का साक्षात जानने का अवसर इन्हें मिला। सबसे अधिक जो इनकी संवेदना ने ग्रहण किया, वो मानव मन की जिजीविषा, जब तक साँस तब तक करते रहने की अधीर मानव क्षमता, का आभाष हुआ। ये सब इनकी अमूल्य धरोहर हैं, जो समय समय पर इनकी रचनाओं में परिलक्षित होती है।
प्रकाशित कृतियाँ - निम्न काव्य संकलन वर्ष 2000 से आज तक प्रकाशित-
1 कलम हमने उठाई है
2 ‘नहीं पीर परायी है’ इसकी प्रस्तावना प्रसिद्ध साहित्यकार, साहित्य पीठ पुरस्कार विजेता
डॉ दामोदर खड़से जी ने लिखी है।
3 तलाश रोशनी की (2, 3 और 4) दोनों पुस्तकें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी उपलब्ध हैं।
4 कितनी बार कहा साथी (पातियाँ प्यार की)
5 कुछ मन की कहूँ  (वर्तमान संकलन)
साझा संग्रह -( प्रकाशित और प्रक्रिया में)
‘कलम के सिपाही’, ‘चाँद के पार चलो’, ‘गाओ हिन्दी गान’, ‘प्रेम पुष्प’, ‘दिव्या’, ‘रूह तक’, ‘निर्भया’, ‘मैं भी दीपक हूँ’, ‘सुनो बिभाकर’, ‘मेरे प्यार में तुम’, ‘लम्हे’, ‘लौटती लहरों की बांसुरी’, ‘अवध में राम आये हैं’ ‘और’, ‘मन की बातें’, ‘कल्पित काव्य’, ‘हृदय स्वर’, ‘दिया प्रीत’, ‘काव्य माधुरी’, ‘काव्य मंजरी’, ‘काव्य वर्तिका’, ‘काव्य कुंभ’, ‘काव्य प्रवाह’, ‘काव्य उपवन’, ‘हिन्दी की शान’, ‘आवरगी’ और ‘शब्द सैनिक’ आदि में भी मेरी रचनाएँ सम्मिलित हुई है। इसके अतिरिक्त दो साझा संकलन ‘काव्य मंजरी’ (रवीना प्रकाशन) और ‘मन की उमंग’( इंकलाब प्रकाशन) में संपादक पद से भी निरूपित किया गया है, जो शीघ्र प्रकाश्य हैं

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Hemlata Joshi
Book Published (1)

हेमलता जोशी हेमलता जोशी समकालीन हिंदी साहित्य जगत में एक सशक्त वाणी के रूप में उभरती हुई रचनाकार हैं, जिनकी कविताएं मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और जीवन के विविध रंगों को सहज अभिव्यक्ति देती हैं। उनका जन्म 20 अगस्त 1979 को मध्यप्रदेश के शाजापुर जिÞले के ग्राम धरोला में हुआ। आपके पिता श्री जगदीश चंद्र दुबे (24 साल आर्मी में सेवा दी) और माता श्रीमती पुष्पा दुबे हैं। इनकी पूरी शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय में हुई है। पिता के आर्मी में होने के कारण लगभग इन्होंने पूरे भारत वर्ष का भ्रमण किया है। आपका साहित्य के प्रति रुझान प्रारंभ से ही रहा है। काव्य लेखन आपकी अभिव्यक्ति का माध्यम है और आपकी रचनाएं विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं, जिससे आपकी संवेदनशील लेखनी को पाठकों का भरपूर स्नेह एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आप वर्तमान में एक शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, और शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी निष्ठा व सेवा के लिए जानी जाती हैं। ईमेल hemlata201979@gmail.com आपका लेखन सतत सृजनशीलता की ओर अग्रसर है, जो साहित्य को नई दिशा देने में सक्षम है।

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Inderpal Anand
Book Published (1)

इन्द्र पाल आनन्द जन्म स्थान: कपूरथला (पंजाब) जन्म तिथि: 13 अप्रैल, 1948. शिक्षा: एम. ए. (अंग्रेजी), एम. ए. (हिन्दी), पी. एच. डी. (अंग्रेजी) प्रकाशन: द ट्रिब्यून और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे समाचार पत्रों में विभिन्न विषयों पर समय-समय पर अंग्रेजी में लेख प्रकाशित। कई साहित्यिक पत्रिकाओं में हिन्दी में लेख प्रकाशित। ‘रफलैकशनज़- ए कोलैकशन आफ शोर्ट स्टोरीज़ एंड वन एक्ट प्लेज़’ किताब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए संपादित। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के पत्राचार पाठ्यक्रम के स्नातकोत्तर छात्रों के लिए सैमुएल बैकेट के नाटक ‘वेटिंग फॉर गोडो’ की सम्पूर्ण व्याख्या। कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के रिसर्च जर्नल में नाटक और नाट्य पर शोधपत्र। विशेष: हिन्दी व अंग्रेजी के अनेक प्रसिद्ध नाटकों का निर्देशन व मंचन। निर्देशन व अभिनय में अनेक सम्मान व पुरस्कार। नाटक व नाट्य की विभिन्न विधाओं, धाराओं एवं शैलियों का अध्ययन व मंचन में प्रयोग। अमेरिका, कैनेडा, इंग्लैण्ड की नाटक शालाओं व नाटक प्रस्तुतियों का अवलोकन और अध्ययन। सम्प्रति: सेवानिवृत्त, विभागाध्यक्ष (अंग्रेजी), मुकंदलाल नेशनल कॉलेज, यमुनानगर (हरियाणा)। स्थायी पता: 1082 , सेक्टर 17, हुड्डा, जगाधरी ( यमुना नगर) , हरियाणा । सम्पर्क: मोबाइल: 9896094777. ई-मेल:ipanand13@gmail.com

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Indu Tarak
Book Published (2)

इन्दु तारकजन्म : जहानाबाद (बिहार), 23 सितम्बर 1948 शिक्षा : पटना विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में सम्मान, स्नातकोत्तर (अंग्रेजी), बी0एड0 रूचि : अच्छा साहित्य पढ़ना एवं कहानी, कविता, लेख, हास्य-व्यंग्य लिखना। भाषाएँ : हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, भोजपुरी एवं मगही में रचनाएँ प्रकाशित एवं प्रसारित। सम्मान : 1963, ‘राष्ट्रभाषा हिन्दी और उसकी समस्याएँ’ विषयक निबन्ध के लिए ‘बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्’ से पुरस्कृत। : 1964, ‘रामचरितमानस में नारी’ निबन्ध के लिए रामकृष्ण मिशन, पटना द्वारा पुरस्कृत। : 1965, ‘संस्कृत भाषा निबन्ध प्रतियोगिता’ में रामकृष्ण मिशन, पटना द्वारा पुरस्कृत। : 1990-1996... ‘संवाददाता मनोरमा’ : 1996, ‘मनोरमा लतीफा प्रतियोगिता’ में एक हजार रुपए का पुरस्कार प्राप्त। : 1998, पलामू की श्रेष्ठ महिला साहित्यकार पुरस्कार ‘गौरव श्री’ प्राप्त। : 2001, ‘साहित्य क्षेत्र में विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवा’ हेतु ‘राजीव गाँधी सम्मान’। कृति : राष्ट्रीय स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में चर्चित एवं प्रशंसित रचनाएँ । प्रकाशित पुस्तकें- 1. ‘कैसे चुप रहूँ’ - काव्य-संग्रह (मेधा बुक्स, नवीन शाहदरा, दिल्ली) प्रकाशित 2004 2. ‘उपालम्भ’- काव्य-संग्रह (शारदा प्रकाशन, नई दिल्ली) प्रकाशित 2006 3. ‘जिन्दगी ओ जिन्दगी’- निबंध-संग्रह (पुस्तक महल प्रकाशन, नई दिल्ली) प्रकाशित 2012 4. वह कौन था- रहस्य रोमांच की सच्ची कहानियाँ (शारदा प्रकाशन, नई दिल्ली) प्रकाशित-2017 : देश के स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। सम्प्रति : अवकाश प्राप्त विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी, बी0एन0 कॉलेज, मेदिनीनगर, पलामू। सम्पर्क : इन्दु तारक ए उर्मिला श्याम विला, द्वारा अमित कुमार सिंहा, पुराने बिजली औफिस के पीछे, आकाशवाणी रोड, खजपूरा, रुकुनपूरा, बेली रोड, पटना, बिहार . 800014 मोबाईल नंबर: 09431646750

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Jayram Kumar Satyarthi
Book Published (1)

जयराम कुमार सत्यार्थी जन्म तिथि 16.03.1984 पिता श्री रामबृक्ष मिस्त्री माता श्रीमती दुलारी देवी शिक्षा बी.एस सी. आॅनर्स, गणित (म. वि. वि.), एम.ए हिन्दी (नालंदा खुला विश्वविद्यालय) बी.एड (म. वि. वि.) प्रकाशित कृति मैं मारा जाऊँगा (कविता संग्रह), प्रथम कारवाँ (लघुकथा संग्रह) कई समाचार पत्र व पत्रिकाओं में लघुकथाएँ, कविताएंँ व कहानियाँ प्रकाशित। अप्रकाशित कृतियाँ- सच्चे रिश्ते (आत्मकथा), अनोखी, प्रवृत्ति (कहानी संग्रह), गुजरे लम्हें (कहानी संग्रह), जागते अरमां (गीत संग्रह), अबके बरस (काव्य), वे जो जग छोड़ गए (संक्षिप्त जीवनी संग्रह), मास्टर छक्कड़ लोंगटे की एक क्लास, खतरे में लोकतंत्र (नाटक) सम्प्रति टी.जी.टी / प्रभारी प्रधानाध्यापक मध्य/ उ. मा. वि. धनगाईं, बाराचट्टी गया, (बिहार), अनवरत अध्ययन- अध्यापन, लेखन / सृजन जारी। संपर्क जकुस करूणा गृह, ग्राम- उत्तरी दीघासीन, पोस्ट-पकरी गुरीआ, प्रखण्ड - बांँके बाजार, जिला - गया , (बिहार)-824206 चलभाष 9470419265/9097559741 ईमेल jksatyarthi1984@gmail.com

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Jitender Goyal Jugnu
Book Published (1)

जितेंद्र गोयल ‘जुगनू’ पिता : स्वर्गीय श्री रामबिलास गोयल माता : श्रीमती श्याम लता शिक्षा : एम. ए. (हिंदी, अंग्रेजी, शिक्षा), प्रभाकर जन्म तिथि : 17 मार्च, 1984 (चरखी दादरी, हरियाणा) आजीविका : अध्यापन प्रकाशित पुस्तकें : गंगा का सामर्थ्य (कहानी संग्रह) तेरा- मेरा सब का सच (लघु कथा संग्रह) हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित अपराध-बोध (लघु कथा संग्रह) सम्मान : वनौषधिमाला साहित्यिक पत्रिका द्वारा कविरत्न सम्मान पंडित रामनिवास शर्मा सम्मान, चरखी दादरी महादेवी वर्मा साहित्य रत्न सम्मान, संचेतना, भोपाल साहित्य रत्न सम्मान हिंदी साहित्य प्रेरक संस्था, जींद उपलब्धियां : रोहतक आकाशवाणी केंद्र द्वारा काव्य पाठ विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से जुड़ाव विभिन्न साहित्यिक पत्रिकाओं में निरंतर लेखन विभिन्न मंचों द्वारा काव्य पाठ एवं मंच संचालन आगामी पुस्तकें : द्रौपदी (खंडकाव्य) तीन महीने की मां (कहानी संग्रह) संप्रति : वैश्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चरखी दादरी (हरियाणा) संपर्क सूत्र : 7988019739 ईमेल : goyal1984jugnu@gmail.com

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Jitendra Nath
Book Published (2)

जितेन्द्र नाथजन्म तिथि 25-04-1971 माता-पिता श्रीमती कमला देवी एवं श्री प्रकाश चन्द पत्नी श्रीमती प्रीती शर्मा शिक्षा M.Sc. (Zoology), M.A. (English), B .Ed संप्रति शिक्षक (हरियाणा शिक्षा-विभाग में जीव-विज्ञान प्रवक्ता के रूप में 1996 से कार्यरत) प्रकाशित रचनाएँ 1. मौन किनारे (कविता-संग्रह) 2. अक्स (ई-बुक) कविता-संग्रह 3. उजेश (सांझा काव्य-संग्रह) 4. जयंती (सांझा काव्य-संग्रह) 5. पैसा ये पैसा (उपन्यास-अनुवाद) 6. राख (उपन्यास) प्रकाशनाधीन 7. आईना (काव्य-संग्रह) इसके अतिरिक्त पुस्तकों को समर्पित दो ब्लॉग www.bookhubb.com और www.the blacksparrowmusings.com का संचालन। सम्मान ‘चंद्रमति स्मृति साहित्य-रत्न सम्मान’ (हिन्दी साहित्य प्रेरक संस्था, जींद) सामाजिक संस्थाएं: 1. भारत विकास परिषद, वीर शाखा, जींद (सदस्य) 2. संस्कार भारती, जींद (सचिव) 3. हिन्दी साहित्य प्रेरक संस्था, जींद (सचिव) 4. अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जींद (सदस्य) सम्पर्क: मकान नम्बर 2875- B, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जींद (हरियाणा) PIN-126102 मोबाइल नम्बर: 9416262323 ईमेल: jitendernath786@gmail.com

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Jogender Singh
Book Published (1)

जोगेन्द्र सिंह
पिता : निवार्ण प्राप्त तेजपाल सिंह जी
माता : निवार्ण प्राप्त सोना देवी जी
जन्म : 30 मई 1965 -(गांव-झंडापुर,
जिला-गाजियाबाद में)
शिक्षा : 1987 में एम एम एच कालिज,
जिला-गाजियाबाद से कामर्स  स्नातक :1995 में ICWA (Intermediate Course)
व्यवसाय : एअर इन्डिया से सहायक महाप्रबन्धक (वित्त) के पद से मई 2023 में सेवानिवृत
लेखन कार्य : 1987 में ‘खूनी मोड’नामक कहानी मोदी कला भारती, मोदी नगर द्वारा पुरस्कृत।
:एअर इन्डिया की पारिवारिक पत्रिका ‘विमानिका’ में ‘अनमोल दुआयें’ नामक कहानी प्रकाशित।
:एअर इन्डिया में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में ‘एक आतंकवादी की चाह’, ‘दम तोडती कविता’ तथा ‘आप ही से’ सहित समय-समय पर विभिन्न कवितायें
पुरस्कृत।
प्रकाशित कृति : ‘ट्यूशन बिना कैसे पढें’ डॉयमंड पॉकेट बुक्स द्वारा हिन्दी,
बंगाली और गुजराती भाषा में प्रकाशित
फुटकर रचनाएं : दो कविताएं 1. मत बेचो अपना सम्मान 2. ये हत्या नहीं आत्महत्या है, ‘कब तक मारे जाओगे’ कविता संग्रह में प्रकाशित
:दो कविताएं 1. प्रतिभा संहारक याने राष्ट्र विनाशक
2. हे कोरोना, ‘सुलगते शब्द’ दलित काव्य संकलन में प्रकाशित
:दो कविताएं 1. यही सोचना है और  2. काम निकल जाने के बाद ‘गाजियाबाद के कवि एवं कवित्रियां’ काव्य संग्रह में प्रकाशित
:दो कविताएं 1. खून के कतरे कतरे का हिसाब लिखूँगा  2. भूलना नहीं नव दलित लेखक संघ की वार्षिकी सोच-3 में प्रकाशित
संस्थागत जुडाव : 1. सस्थापक एवं अध्यक्ष - नव जाग्रति क्लब, झंडापुर
: 2. पूर्व कार्यकारिणी सदस्य, डा.बी आर अम्बेडकर जन कल्याण समिति,
वसुन्धरा गाजियाबाद
: 3. पूर्व महासचिव, वसुन्धरा बहुजन जागरूक मंच, वसुन्धरा गाजियाबाद
: 4. राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय मूलनिवासी संगठन, मेरठ
: 5. संस्थापक एवं अध्यक्ष, सार्थक शिक्षा एवं संवाद समिति, वसुन्धरा गाजियाबाद
: 6. कार्यकारिणी सदस्य, नव दलित लेखक संघ, दिल्ली
7. सदस्य, भारतीय बौद्ध शिक्षा संस्थान, नई बस्ती लल्लापुरा, मेरठ
काव्य पाठ : विभिन्न मंचों पर काव्य पाठ

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K R Parihar Badal
Book Published (2)

के. आर. परिहार ‘बादल’ (शैक्षिक योग्यता: M.A., B.Ed., NET) कवि का जन्म 6 अगस्त,1979 ई. को गाँव रायमलवाड़ा, तहसील- ओसियाँ, जिला- जोधपुर (राजस्थान) में हुआ। अपनी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में ही पूरी करने के बाद माध्यमिक शिक्षा के लिए ओसियाँ तथा स्नातक व परास्नातक की शिक्षा के लिए जोधपुर गए। वहाँ जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से भारतीय भाषा में स्नातक व परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की। तथा शिक्षा स्नातक की उपाधि कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर से प्राप्त की। साहित्य के प्रति रुचि बाल्यकाल से ही रही है तथा अनेक मंचों पर कविता वाचन कार्यक्रमों में सहभागिता निभाई। कवि की रचनाओं का मुख्य विषय- सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदना, देशप्रेम, प्रकृति चित्रण तथा जीवन के विविध अनुभवों का सजीव चित्रण रहा है। इनकी भाषा खड़ी बोली है तथा सामान्य बोलचाल की है। साथ ही नए प्रतीक, बिंब व अलंकारों का सुन्दर प्रयोग किया है। प्रमुख रचनाएं: कविता संग्रह (1) बादल राग कहानी संग्रह (1) दर्द की दास्तां निबंध संग्रह: (1) वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा दर्शन यात्रा वृत्तांत: (1) मेरी फिंस यात्रा (2) कश्मीर की सैर पुरस्कार व सम्मान: (1) 2015 का सर्वोच्च आचार्य सम्मान (प्रबंध समिति आदर्श विद्या मंदिर जोधपुर द्वारा) (2) 2021 का सर्वोच्च आचार्य सम्मान (विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र का) (3) 2013 - श्रेष्ठ संस्कार केन्द्र पुरस्कार (जोधपुर शहर की कच्ची बस्तियों में शिक्षा सेवा हेतु)

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