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Authors

Radheshyam Sarwagi Masoodiya
Book Published (2)

राधेश्याम सरावगी ‘मसूदिया’ माता ः स्व. श्रीमती झमकू देवी सरावगी पिता ः स्व. श्री सुवालाल सरावगी जन्म स्थान ः मसूदा, जिला-अजमेर (राजस्थान) जन्म तिथि ः 28 अक्टूबर 1949 शैक्षिक योग्यता ः एम.ए. (हिन्दी), एम.एड. (हिन्दी) रचनाओं का प्रकाशन ः (गद्य-पद्य दोनों विधाओं में) दैनिक पत्र राजस्थान पत्रिका, दैनिक नवज्योति, प्रातःकाल आदि में 5 जनवरी 1986 से निरन्तर प्रकाशन। मासिक पुस्तकों में सरिता, मुक्ता, सरस सलिल, मेरी सहेली, सम्बोधन, साहित्यांचल, शब्द सामयिकी के साथ शिक्षा-विभाग बीकानेर द्वारा प्रकाशित गद्य-पद्य की पुस्तकों में प्रकाशन हो चुका है। सम्मान ः उदयपुर जिला स्तरीय ”उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान“ 1978, “श्री राम शर्मा आचार्य शान्तिकुंज हरिद्वार’’,“उत्कृष्ट सेवा शिक्षक सम्मान“ 2007, साहित्यांचल, भीलवाड़ा द्वारा ‘‘साहित्य सृजन सम्मान’’ 2015, द्वारकेश राष्ट्रीय साहित्य परिषद् कांकरोली द्वारा ‘‘भाषा रत्न सम्मान’’ 2015, सम्बोधन मंच कांकरोली द्वारा ‘‘राजसमंद रत्न सम्मान’’ 2016, केन्द्रीय मानवाधिकार संगठन नई दिल्ली द्वारा ‘‘मानवाधिकार रक्षक सम्मान’’ 2017, युगधारा साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक मंच उदयपुर द्वारा ‘‘सारस्वत सम्मान’’ 2020, नामदेव गहलोत छीपा समाज, आम मेवाड़ चैखला क्षेत्र आकोला, कांकरोली द्वारा ‘‘समाज गौरव सम्मान’’ 2020 एवं अन्य संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है। राजकीय सेवा ः शिक्षा विभाग माध्यमिक राजस्थान में अध्यापक से लेकर प्राध्यापक (हिन्दी) तक 23 सितम्बर 1969 से 31 अक्टूबर 2009 तक 40 वर्ष से ज्यादा निरन्तर सेवाएँ दी है। प्रकाशन कृतियाँ ः शब्द स्वर, ज़हर उगलती जुबानें, कौन देगा जवाब?, हड्डियों का बँटवारा और समय की रेत पर। सम्प्रति ः प्रबंधक- श्री अक्षय सोलर एवं यो बाइक शौरूम संरक्षक-दिनेश सेवा स्थान, कांकरोली के माध्यम से गरीब परिवारों की सहायता एवं निर्धन छात्रों को शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना। सम्पर्क सूत्र ः ‘‘इन्द्रप्रस्थ’’ गोमाता सर्कल, भीलवाड़ा रोड़, कांकरोली (राजसमंद) मोबाइल ः 9782796969।

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Rajender
Book Published (1)

राजेन्द्रराजेन्द्र जी का जन्म गाँव कन्धवाला अमरकोट, तहसील अबोहर, जिला फाजिल्का पंजाब में 10 अक्टूबर 1979 को एक किसान परिवार में हुआ। काम्बोज वंश में पैदा हुए राजेन्द्र जी ने अपनी स्कूली पढ़ाई गाँव के सरकारी स्कूल से ही पूरी की। इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ से आगे बढ़ाई जहाँ से उन्होंने एम.ए., पी.एचडी हिन्दी विषय में पूरी की। आपने पंजाब विश्वविद्यालय से जनसंचार में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। आपको बचपन से पढ़ने का शोक नहीं था परन्तु धीरे-धीरे जैसे जैसे समझ बढ़ी तो लिखना शुरू किया। आपका पहला लेख दैनिक ट्रिब्यून चण्डीगढ़ में प्रकाशित हुआ। इसके बाद तो अन्य अनेक पत्र पत्रकिाओं में विभिन्न लेख छपे। शोध पत्रिकाओं में जैसे- अनुसंधान, वाङ्मय, शब्द सरोकार, पूर्वा मीमांसा, शोध बोहल मंजूषा आदि शोध-पत्रिकाओं में भी राजेन्द्र जी के अनेक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। आपकी पहली पुस्तक ‘राजा+इन्द्र’ है। इस पुस्तक में समस्त नारी जाित की दास्तान को उद्घाटित किया गयाहै। यह पुस्तक ग्रन्थ केतन दिल्ली द्वारा प्रकाशित की गई है। ‘नारी नामा’ राजेन्द्र जी की दूसरी पुस्तक का नाम है। इस में नारी की समस्याएं जो समाज में हैं, उन पर कुठाराघात किया गया है। इस पुस्तक का प्रकाशन सप्तऋषि प्रकाशन चण्डीगढ द्वारा किया गया है। आपके हाथों में प्रस्तुत पुस्तक ‘गीता में इन्द्रिय ज्ञान के सूत्र’ में लेखक ने गीता के विभिन्न सूत्रों का बहुत सरल भाषा में उल्लेख किया है। सम्पर्क सूत्र : 98158 44696

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Rajesh Kumar Baudh
Book Published (4)

राजेश कुमार बौद्ध जन्मतिथि 26 फरवरी 1974 जन्म स्थान जिला- गोरखपुर, (उत्तर प्रदेश) अभिरूचि साहित्य पढ़ना और लेखन कार्य सम्प्रति सामाजिक कार्यकर्ता पत्र/ पत्रिकाओं में :- दलित साहित्य वार्षिकी-दिल्ली, हाशिए पर दलित-हिन्दी मासिक-दिल्ली, पैगाम-दिल्ली, अम्बेडकर मिशन पत्रिका-पटना, बहुजन युग पत्रिका-आगरा, लोक संवेदना दस्तक- मध्य प्रदेश, द ट्राइबल पोस्ट साप्ताहिक-मध्य प्रदेश, अनिश त्रैमासिक पत्रिका-वाराणसी, सम्यक पब्लिक भारत-ऊधमसिंह नगर, मूकनायक-पुणे, आश्वस्त-उजैन मध्य प्रदेश, दैनिक अखबार जैसे ख्वाजा एक्सप्रेस-बस्ती, निष्पक्ष दिव्य संदेश, तिजारत-लखनऊ, जनसंदेश टाइम्स-लखनऊ, सम्यक एक्सप्रेस-मध्य प्रदेश, दस्तक प्रभात-पटना, विहार आदि में प्रकाशित। प्रकाशित कृतियाँ :- 1- सामाजिक क्रांति के नायक मा०कांशीराम, 2- हमारे राष्ट्र गौरव दलित संतों का जीवन दर्शन, 3- तथागत बुद्ध कबीर और रैदास, 4- संत कबीरदास, 5- बाबा साहब डॉ.अम्बेडकर और उनका सामाजिक चिंतन, 6- संत रैदास का जीवन दर्शन, 7- दलित विमर्श: कुछ प्रश्न कुछ संकेत, 8- हम गूंगे नहीं रहे अब (कविता संग्रह), 9- दम तोड़ती मेरी आवाज (कविता संग्रह), 10- मोची (कविता संग्रह) 11- संपादक- श्रेष्ठ दलित कहानियां, 12- संपादक- दलित जाएं तो जाएं कहां, 13- संपादक- मनुवाद से जूझता अम्बेडकरवाद, 14- संपादक- इक्कीसवीं सदी की चर्चित दलित कहानियां, 15- संपादक- ‘प्रबुद्ध विमर्श’ हिन्दी मासिक पत्रिका का गोरखपुर से प्रसारित। पुरस्कार एवं सम्मान:- 1- भारतीय दलित साहित्य अकादमी- दिल्ली द्धारा ‘डॉ. अम्बेडकर फेलोशिप अवार्ड’1998, 2- ‘मांझी जनता’ हिन्दी साप्ताहिक एवं बौद्ध साहित्य प्रकाशन कानपुर, उत्तर प्रदेश द्धारा ‘भीम रत्न’ 2003, 3- ‘अनोखा विश्वास’ हिन्दी मासिक पत्रिका- इन्दौर, मध्य प्रदेश, द्धारा ‘बाबा साहब डॉ.अम्बेडकर साहित्य रत्न’ 2006, 4- आल इंडिया गुरु रविदास मिशन-जालन्धर, पंजाब द्धारा ‘गुरु रविदास साहित्य रत्न’ 2012, 5- श्रमण संस्कृति रक्षा न्यास भारत, भन्ते सुमित रत्न थेरो जी गोरखपुर द्धारा ‘बौद्ध रत्न’ 2018, 6- समदर्शी प्रकाशन गाजियाबाद- उत्तर प्रदेश द्धारा ‘वर्ष 2023 साहित्य सृजन सम्मान’ 2023, 7- द ट्राइबल पोस्ट- देवास मध्य प्रदेश द्धारा ‘प्रतिभा सम्मान’ 2024, 8- इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई महाराष्ट्र द्धारा ‘मुंशी प्रेमचंद हिन्दी साहित्य सम्मान’ 2024, 9- इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई महाराष्ट्र द्धारा ‘श्री केदारनाथ सिंह हिन्दी साहित्य सम्मान’ 2024 में, संपर्क- डॉ.अम्बेडकर साहित्य प्रतिष्ठान रामपुर नयागॉव,पोस्ट- गोरखनाथ, जिला- गोरखपुर, पिन-273015, (उत्तर प्रदेश) भारत संपर्क सूत्र- 9616129934, Email- prabuddhvimarshgkp@gmail.com 

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Rajinder Singh 'Raz'
Book Published (1)

रजिन्दर सिंह ‘राज़’ तख़ल्लुस : ‘राज़’ पिता : स्व. स. प्रीतम सिंह माता : स्व. जुगिन्दर कौर पत्नी : कमलजीत कौर जन्म : 06.02.1962 (शहडोल म.प्र.) सम्प्रति : बिजनेस लेखन : ग़ज़ल प्रकाशन : 1. सबक़-ए-उर्दू यू.पी. भदोही से प्रकाशित मासिक पत्रिका में चार ग़ज़लें प्रकाशित (वर्ष 2004 में) 2. पलाश के फूल साझा संकलन में चार ग़ज़लें प्रकाशित 3. शहडोल के काव्य स्वर साझा संकलन में ग़ज़लें प्रकाशित 4. विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, अख़बारों में रचनाएं प्रकाशित 5. म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन शहडोल इकाई पत्रिका प्रतिबिम्ब, में ग़ज़ल प्रकाशित साहित्य संस्कृतिक संस्थाओं के साथ जुड़े हुए हैं। विशेष : पं. शम्भूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल एम.ए. हिन्दी के पाठ्यक्रम तृतीय सेमेस्टर में (07.10.2022ं) मौलिक रचना/कृति — रोका अपना रास्ता ख़ुद से, इस ग़ज़ल को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया। प्रसारण : आकाशवाणीप शहडोल 20 वर्षों से रचनाओं का निरंतर प्रसारण

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Ram Bilas Singh
Book Published (2)

श्री राम बिलास सिंह का जन्म बिहार राज्य के गया जिलान्तर्गत गुरुआ प्रखंड के ‘कोयरी बिगहा’ ग्राम में दिनांक 06अगस्त 1958 ई. में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। वर्तमान निवास- डॉ. किशोरी मोहन कॉम्प्लेक्स, रोड नं-3, सिकरिया मोड़, गया (बिहार) इनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश में स्थित विद्यालयों में हुई। उच्च शिक्षा गया कॉलेज, गया से बी. ए. आॅनर्स की डिग्री प्राप्त की तथा मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से सत्र 1980-82 में भूगोल विषय में एम. ए. की डिग्री प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया और तत्कालीन महामहिम राज्यपाल श्री ए. आर. किदवई के कर-कमलों द्वारा विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा। इन्होंने कई वर्षो तक वित्त -रहित कॉलेज में अध्यापक का कार्य निष्ठापूर्वक सम्पन्न किया। वर्ष 1991 में सरकारी सेवा में पदस्थापित होकर अगस्त 2018 में राजस्व अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए। इनकी सेवा अति सराहनीय रही। वर्तमान में इनका मुख्य उद्देश्य योग और अध्यात्म की तलहटी में प्रवेश कर, प्राप्त सार-तत्त्व को निचोड़ कर अपने आलेख के माध्यम से मानव समुदाय को उचित मार्ग प्रदर्शित करना है। अन्य मुख्य प्रकाशित कृतियाँ : 1 आनंदित जीवन की राहें (सारगर्भित, जीवनोपयोगी पुस्तक) 2 महाभारत की महागाथा (अलौकिक, ज्ञानोपयोगी पुस्तक) 3 गौतम बुद्ध के प्रेरक उपदेश (रोचक, कल्याणकारी पुस्तक) 3 आखिर सद्गुरु क्यों? (काव्य संग्रह) 

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Ram Lakhan Sharma
Book Published (3)

राम लखन शर्मा ‘अंकित’ साहित्य के क्षेत्र में अपनी सशक्त और विनम्र पहचान बना लेने वाले, सहज, सरल और यशस्वी कविवर पं. राम लखन शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के मध्यमवर्गीय किसान परिवार में हुआ । ॰ माँ यशोदा देवी के भारतीय जीवन मूल्यों से सिंचित संस्कार वान पिता श्री प्रभु दयाल शर्मा के लालन पालन से संयुक्त परिवार में पनपा यह होनहार कवि माँ भारती का वरद पुत्र बना । ॰ मध्य प्रदेश पुलिस सेवा में अपनी निष्ठा प्रदान करते हुये अनेक कीर्तिमान रचे ! ॰ कवि कुल में पुत्र पुत्रियों पौत्र आदि के साथ आत्मीयता का प्रसार हुआ और एक बड़ा कवि परिवार बना । आज कवि के मानस पुत्र पुत्रियों और वे नवोदित कवि कवयित्रियों की संख्या अधिक है जिनके संरक्षक संवर्द्धक बन कर कवि राम लखन शर्मा जी सारस्वत साधना के नव्यतम प्रतिमान गढ़ रहे हैं । ॰ छंद वैविध्य के साथ पद्य की अनेक विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियाँ देकर माँ शारदे का कोष बढ़ाया है । ॰ गीत विधा के लोकप्रिय कवि ने ‘तिमिर के उस पार’ ‘अधरों पर ताले’और ‘सुनो भारती की पुकार’ जैसी कृतियाँ दी हैं! ‘फागुन वाली धूप’ दोहा संग्रह के साथ गजल की लाजबाब फनकारी के साथ दो संग्रह ‘सूरज ढल रहा है’ और ‘पाले बदलना छोड़ दे’ प्रकाशित हैं। तो ‘मुक्तावली’ में कवि ने मुक्तक संग्रह दिया है। घनाक्षरी के लिये प्रसिद्ध कविवर घनाक्षरी संग्रह ‘अनुभूतियाँ’ है। काव्य साधना की कसौटी पर स्वर्ण सा खरा उतरता कवि का महाकाव्य ‘एकलव्य की शौर्यगाथा’ अद्भुत प्रणयन है। छन्द विज्ञान के सर्वांग अध्ययन को लक्षण ग्रंथ का रूप देते हुये ‘छंद-प्रदर्शिका’ जैसी प्रदीप्त कृति देने वाले पं राम लखन शर्मा न केवल ग्वालियर मध्य प्रदेश वरन् देश के मूर्धन्य कवियों में अग्रगण्य हैं। कविवर की अथक साहित्य साधना से प्रभावित होकर देश की विभिन्न साहित्यिक साँस्कृतिक संस्थाओं ने कवि को शताधिक सम्मान प्रदान किये हैं । कवि कर्म में सतत संलग्न माँ भारती को धन्य धन्य कर देने वाले कविश्रेष्ठ को प्रणाम।

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Ram Pal Srivastava
Book Published (1)

राम पाल श्रीवास्तव ‘अनथक’
सम्मान एवं अलंकरण - साहित्य त्रिवेणी, कोलकाता द्वारा ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति सम्मान’, साहित्य शिल्पी, कोलकाता द्वारा ‘हरिशंकर परसाई सारस्वत साहित्य सम्मान’, युवा साहित्य मंडल, ग़ाजिÞयाबाद द्वारा ‘दुष्यंत कुमार सम्मान’, अर्चना लोक, समस्तीपुर द्वारा ‘साहित्य भूषण’, पुष्पा देवी स्मृति सम्मान समिति, बरेली द्वारा ‘साहित्य गौरव’, साहित्य लोक, प्रतापगढ़ द्वारा ‘पत्रकार श्री’, आल राउंड अकादमी, फ़रीदकोट द्वारा ‘श्रेष्ठ संपादक’, साहित्यिक सांस्कृतिक कला संगम अकादमी द्वारा ‘अमर बहादुर सिंह’ अमरेश ‘स्मृति पुरस्कार’ एवं ‘हिन्दी प्रतिष्ठा सम्मान’ के साथ ही ‘विद्यावारिधि’ मानद अलंकरण। अन्य और संस्थाओं द्वारा सम्मानित।
संप्रति - प्रधान संपादक, bharatiyasanvad.com और ‘अभी Express न्यूज चैनल’
संपर्क - ग्राम : मैनडीह, पोस्ट : सोनपुर ( शिवपुरा ),
जनपद : बलरामपुर ( उ. प्र. )
Email - drrampalsrivastava@gmail.com
Mob. 9696056458

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Ram Pramesh Singh Raaj
Book Published (2)

रामपरमेश सिंह ‘राज’जन्म : 01 जनवरी 1974, आजमगढ़, उत्तरप्रदेश। शिक्षा : एम. ए. (अंग्रेजी साहित्य), एल. एल. बी. (अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा, म.प्र.)। भाषा ज्ञान : हिंदी, अंग्रेजी। कार्यक्षेत्र : वकालत, पटकथा लेखन। सम्प्रति : फ्रीलांस जर्नलिज्म एवं फिल्म जगत में पटकथा लेखन का कार्य करते हुए साहित्य रचना का कार्य भी करने में संलग्न हैं। रामपरमेश सिंह ‘राज’ ने एशियन एकेडेमी आॅफ फिल्म एण्ड टेलीविजन, मारवाह स्टूडियो, नोएडा से फिल्म डायरेक्शन एवं टीवी जर्नलिज्म में डिप्लोमा लेने के बाद दिल्ली से अपने फिल्म एवं टीवी करियर की शुरुआत असिस्टैंट डायरेक्टर के रूप में किया। विभिन्न टीवी प्रोग्राम में काम करने के बाद कुछ वर्षों तक इटीवी उत्तरप्रदेश (अब न्यूज 18 उत्तरप्रदेश) में टीवी रिपोर्टर के तौर पर काम किया। उसके बाद ‘समकालीन चौथी दुनिया’ पत्रिका में सहायक सम्पादक के पद पर काम किया। इसके अतिरिक्त ‘आर्थिक और सामाजिक रिफार्म’ पत्रिका में सहायक सम्पादक और कुछ अन्य पत्र पत्रिकाओं में उप सम्पादक और समाचार सम्पादक के पद पर काम किया। वर्तमान में फिल्म जगत में पटकथा नेखन के क्षेत्र में संलग्न हैं। पता : ग्राम- मोचीपुर, पोस्ट- लाटघाट, जिला- आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। दूरभाष : 7235985395

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Rambabu Maihar Dev
Book Published (1)

रामबाबू मैहर देव जन्म 1-7-1981 जन्मस्थान शमशाबाद, विदिशा मध्यप्रदेश प्रकाशित कृतियां- वंदना विद्वान कवियों का अंतर्मन पेंटागन विश्व की अमर पे्रम कहानी काव्या वीणावादिनी वर दे संयुक्त काव्य संग्रह

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Rani Maurya
Book Published (1)

Rani Maurya Rani Maurya is a Senior Research Fellow in the Faculty of Education at Mahatma Jyotiba Phule Rohilkhand University, Bareilly (Uttar Pradesh). She holds a Master’s degree in Education, along with Master’s degrees in Commerce and Computer Science. She is qualified JRF and 3 times NET in Education, and is currently pursuing her Ph.D. in the same field. She has served as the Young Editor of the Omniscient Journal (online) published by Rohilkhand University. She has presented more than 15 research papers at national and international seminars and conferences. She has published two UGC-CARE-listed research papers, and contributed 2 chapters to edited books. Her areas of expertise include educational technology and data analysis.

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Ratnakar Shashtri
Book Published (1)

लेखक का संक्षिप्त परिचय लेखक स्वतंत्रता सेनानी रत्नाकर शास्त्री का जन्म विक्रमी संवत 1979 (सन 1922 ई.) को श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मेरठ जिले की सरधना तहसील के गांव पल्हैडा में एक साधारण कृषक, राजपूत चौहान परिवार में तोताराम के यहां हुआ। गुरुकुल डोरली, और वेद विद्यालय दिल्ली से आयुर्वेद की शिक्षा प्राप्त की। उस समय भारत स्वतंत्रता की प्रसव वेदना से गुजर रहा था। तभी अंग्रेजों की शह पर दक्षिण भारत की तत्कालीन हैदराबाद रियासत के मुस्लिम निजाम ने वहां पर हिंदुओं का दमन करना शुरू कर दिया। उनके धार्मिक क्रियाकलापों पर रोक लगा दी गयी। मंदिरों में ताले डाल दिए गए े उस समय की प्रबल हिन्दू वादी सामाजिक संस्था ‘आर्य समाज’ और उसके सहयोग में ‘हिन्दू महा सभा’ ने इसका राष्ट्रव्यापी तीव्र विरोध किया। समस्त भारत से सत्याग्रही भेजकर हैदराबाद में हिंदू धार्मिक क्रियाकलाप बहाली को लेकर आन्दोलन कर गिरफ्तारी देना प्रारंभ कर दिया। यह हिंदू वादी आंदोलन है, ऐसा कह कांग्रेस और गाँधी ने इसमें साथ नहीं दिया। उल्टे आन्दोलन का विरोध किया। हिन्दुओं के तीव्र विरोध के चलते निजाम को झुकना पड़ा। और हिन्दू धार्मिक कृत्य पुन: बहाल हए। इस आन्दोलन में लेखक भी मार्च 1939 ई. में गुरुकुल डोरली की ओर से साथियों सहित हैदराबाद जेल गए। 2 वर्ष की सजा हुई। बाद में सभी को समयपूर्व ससम्मान रिहा कर दिया गया। भारत सरकार ने इन आन्दोलनकारियों को भी स्वतंत्रता सेनानी मानकर सरकारी सुविधा, पेंशन, स्वतंत्रता सेनानी प्रमाणपत्र सम्मान स्वरूप प्रदान किये। 22 नवम्बर 1994 ई. को आप अपने पीछे भरा पूरा परिवार और एक अपार बौद्धिक सम्पदा छोड़कर परलोक गमन कर गए। आप आयुवेर्दाचय, वैद्य विशारद और रामायण (वाल्मीकि) के प्रकांड विद्वान थे। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते विधिवत चिकित्सा कार्य न कर सके। परन्तु मरते दमतक निर्धन लोगों की सेवा स्वरूप चिकित्सा करते रहे। आप मूर्धन्य रामायण मर्मज्य थे। रामायण पर बहुत शोध किया। उस पर बहुत लिखा। रामायण के बालकाण्ड में ग्रहों की स्थिति के अनुसार ‘राम जन्म काल निकला’, रामायण से राम के मानव रूप को उकेरते हुए तुलसी के विष्णु भगवन के अवतार से इतर ‘राम भगवन क्यों ?’ लिखा। रामायण से ही एक अनाम, अज्ञात परन्तु महत्वपूर्ण पात्र पर ‘हेमा’ उपन्यास लिखा। जिसकी कथा मेरठ से मयराष्ट्र होते हुए महाराष्ट्र से परे जाकर समाप्त होता है। मंदोदरी का पीहर, मय दन्त का खेडा, रावण की ससुराल आदि प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर हेमा में है। ‘राम कथा इतिहास के दर्पण में’ आदि सब रामायण के शोध पर आधारित है। इनमे से कुछ प्रकाशित हैं कुछ प्रकाशनाधीन हैं। उनकी प्रसिद्द रचनाएँ - वेद और विज्ञान, राम का जन्म काल, गुलामी के यातना भरे गीत, जेल डायरी, स्वराज, युग - मन्वंतर विमर्श, राम कथा इतिहास के आईने में हैं। ‘राम भगवान क्यों ?’, ‘जेल की सलाखों से’ प्रकाशनाधीन हैं। ‘हेमा’ आपके हाथ में है।

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Rattan Chand Sardana
Book Published (2)

रत्न चन्द सरदाना 
एम.ए., बी.टी.
सरदाना जी का जन्म 10 अप्रैल 1941 ई. को तत्कालीन पश्चिमी पंजाब के जिÞला मुज्जफरगढ़ के एक छोटे से गाँव खाड़कें में हुआ था। इनके पिता स्व. श्री रम चन्द हकीम तथा माता श्रीमती रामप्यारी सद्गृहिणी थे। उन दोनों का स्वभाव सरल था। वे सेवा भावी थे। परिवार आिर्थक रूप से संपन्न था।
सरदाना जी अपने बाल्यकाल में देश की स्वतंत्रता का उल्लास, सांप्रदायिक उन्मान का भीषण रूप तथा गरीबी को भोगा है। इन घटनाओं ने बाल मन को आहत किया। किंतु पारिवारिक सुसंस्कारों के कारण उनके व्यवहार में कटुता नहीं आई। ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो, अगली पीढ़ी को जानकारी देना वह अपना पुनीत कार्य मानते हैं।
श्री सरदाना जी हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी तथा सिरायकी के जानकार हैं। अल इंडिया रेडियो व रोहतक केन्द्रों से उनकी वातार्एं व कवितापाठ प्रसारित होती रही हैं। उनकी कविताएं राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत रहती हैं। राष्ट्रीय महापुरुषों की जीवनियाँ उन्हें आकर्षित करती है। उनके उपन्यासों का फलक व्यापक, वार्तालाप को शैली में लेखन, भाषा सरल, एकात्मवादी दृष्टिकोण, मुहावरों का प्रयोग विषयों को विविधता उनके लेखन का वैशिष्ट है। लघुकथाओं में व्यंग्य का भरपूर पुट है।
उपलब्धियां : ’ राज्य शिक्षक पुरुस्कार प्राप्त
’ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा पुरस्कृत एवं  सम्मानित
’ संस्कृति शिक्षा संस्थान द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित
’ विद्या भारती उत्तर क्षेत्र द्वारा लेखक सम्मान
’ साहित्य सभा कैथल द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित
’ भाषा विभाग हरियाणा द्वारा पुरस्कृत
’ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित
’ अखिल भारतीय प्रेरणा साहित्य एवं शोध संस्थान की ओर से
’ प्रेरणा आजीवन साहित्य साधना सम्मान 2025
’ पुनरुत्थान प्रकाशन सेवा ट्रस्ट, अहमदाबाद द्वारा सम्मानित

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Rekha mittal
Book Published (3)

रेखा मित्तलपिता का नाम : स्व. श्री नेतराम सिंगला
माता का नाम : श्रीमती संतोष सिंगला
जीवनसाथी : श्री विवेक मित्तल
जन्म स्थान : चंडीगढ़
शिक्षा : प्रारंभिक: गवर्नमेंट गर्ल्स हायर
सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 20, चंडीगढ़
उच्च: एम. ए., एम.फिल.
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
मनपसंद विधा : पद्य: कविता
                  गद्य: लघुकथा, कहानी
फोकस के बिंदु : बाल मन, नारी मन, समाजिक विसंगतियाँ, युवाओं की उलझनें, बढ़ती उम्र की समस्याएँ सामाजिक परिदृश्य इत्यादि
काव्य संग्रह : दूज का चांँद
कहानी संग्रह : काग़ज़ की कश्ती
पुरस्कार : चंडीगढ़ लिटरेरी सोसायटी द्वारा कहानी को द्वितीय पुरस्कार
सांँझा काव्य संकलन :  काव्य सरिता
              मंदाकिनी: एक काव्य तरंग
              अभिव्यक्ति साहित्य
साहित्यिक ग्रुप संचालन : फोकस साहित्य
पत्र पत्रिकाएँ : शिक्षा सारथी
            आधारशिला साहित्यम
                    आभास,
                      कवितावली
आवास : 1183, सेक्टर : 43-बी चंडीगढ़
मोबाइल : 9871632851
मेल : ekhaq250@gmail.com
फेसबुक https://www.facebook.com/rekha.mittal.963
इंस्टाग्राम : rekhamittal_169

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Rekha Rana
Book Published (2)

मेरा नाम रेखा राणा है, मेरा जन्म 5 फरवरी 1971 को हरियाणा प्राँत के यमुनानगर जिले के कनालसी गाँव में हुआ। मेरे पिता जी का नाम श्री सीता राम पुन्डीर व माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती सत्या देवी है। मेरे पति श्री विनोद कुमार हैं। मेरी रचनाओं ने कई साझा संकलनों में स्थान पाया है जिनमें सत्यम प्रकाशन का ‘मंथन’ व समदर्शी प्रकाशन का ‘सृजन गुच्छ’ प्रमुख हैं। एक लघुकथा संग्रह ‘अनकहे जज्बात’ प्रकाशित।

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Richa Priydarshini
Book Published (1)

मैं ऋचा प्रियदर्शिनी मूलत: पटना बिहार से हूँ। मेरे पूज्य दादाजी स्व.श्री गुप्तेश्वर प्रसाद पटना न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता थे। मेरे पूज्य पिताजी स्व.श्री रामेश्वर प्रसाद बिहार प्रशासन के उच्च अधिकारी थे तथा मेरी पूज्या माताजी श्रीमती चिंता प्रसाद एक अधिवक्ता और समाज सेविका के रूप में निरंतर योगदान दे रही हैं। घर में शिक्षा और साहित्य का माहौल था। मेरी दादीजी विशारद थीं। मेरे दादाजी को दिनकर, बच्चन आदि कई कवियों को रूबरू सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। मेरे माता-पिता भी साहित्य में विशेष रुचि रखते थे और हमारे घर कई प्रबुद्ध लेखकों की पुस्तकें उपलब्ध थीं। मेरी औपचारिक शिक्षा ‘माउन्ट कार्मेल स्कूल’ पटना से शुरू हुई पर आई.सी.एस.ई बोर्ड मैंने ‘सेक्रेड हार्ट स्कूल’ डालटनगंज से की जो अब झारखंड में है। पिताजी के निरंतर स्थानान्तरण वश हमें विद्यालय बदलना पड़ा था। घर का माहौल और मेरी माता की साहित्य में रुचि ने मुझे सदा ही हिंदी के नामचीन साहित्यकारों की कृतियों से अवगत कराया। इंटरमीडिएट मैंने ‘पटना वीमेंस कॉलेज’ से साइंस में किया। स्नातक तथा स्नातकोत्तर बिहार के प्रसिद्ध संस्थान ‘पटना साइंस कॉलेज’ से करने का सौभाग्य मुझे मिला। तत्पश्चात मैंने आई.आई.बी.एम. पटना से एम.बी.ए. की भी डिग्री पाप्त की। मेरा विवाह छपरा, बिहार में प्रतिष्ठित परिवार के स्व.डॉक्टर ब्रज बल्लभ सहाय और श्रीमती माधुरी सहाय के सबसे छोटे सुपुत्र श्री अरविंद कुमार सहाय जी से हुआ। विवाहोपरांत मैं भिलाई, छत्तीसगढ़ जो तब मध्य प्रदेश हुआ करता था में आ गई। मेरे पति ‘स्टील अथॉरिटी आॅफ इंडिया’ के अधिकारी हैं तथा ‘भिलाई इस्पात संयंत्र’ में कार्यरत हैं। मेरे दो पुत्र अध्ययन रत हैं। विगत कई वर्षों से मैं अपने निजी संस्थान के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हुई हूँ और अध्यापन का कार्य करती हूँ। अच्छे रचनाकारों को पढ़ना मेरी विशेष रुचि रही है। लेखन कार्य में बचपन से ही रही हूँ। मैंने अंग्रेजी तथा हिंदी दोनों भाषाओं में रचनाएँ लिखी है। मेरी कविताएँ स्वयं को व्यक्त करने का माध्यम मात्र है। मैंने कई कवियों, रचनाकारों, लेखकों को पढ़ा और सुना है। मैंने सदैव अपनी शैली को सँवारने का प्रयास किया। हिंदी में लिखने का झुकाव मुझे मेरी माँ की प्रेरणा से मिला जो मेरी लिखी रचनाओं को विशेष रुचि व समीक्षक की दृष्टि के पढ़ती हैं। माँ सरस्वती की असीम अनुकम्पा रही कि मैं आज अपना तुच्छ योगदान दे पा रही हूँ जो कि विशाल साहित्य जगत में एक बूँद भी नहीं। पर मुझे वरिष्ठ विशिष्ट साहित्यकारों से जुड़कर आनंद की अनुभूति होती है और आंतरिक संतुष्टि मिलती है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपादृष्टि सदैव रहे। लेखनी और मेरा साथ परस्पर बना रहे।

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Ruchika
Book Published (1)

पिता : श्री राजकिशोर राय माता : श्रीमती विनीता सिन्हा जन्मतिथि : 29/10/1982 शिक्षा : स्नातकोत्तर (हिन्दी)बी.एड पेशा : शिक्षिका विद्यालय का नाम : राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय तेनुआ, गुठनी, सिवान, बिहार रचना प्रकाशन : विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित एकल काव्य संग्रह-स्वपीडा से स्वप्रेम तक साँझा संकलन, -अभिनव अभिव्यक्ति (ए बांड आॅफ नवोदयन्स) इबादत की तामीर अभिनव हस्ताक्षर अभिव्यक्ति (बांड ऑफ नवोदयन्स)-उपसंपादक दुर्गा भावांजलि शब्ददीप (इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल) काव्यमणिका विभिन्न मंचों से पुरस्कृत मेरी कविताओं के लिए चंद पंक्तियाँ- लिखती हूँ मन के भावों को, जीवन की कड़वी -मीठी हकीकत और कोमल कल्पनाओं को। भावों को संबल बना जीवन पथ पर बढ़ते चलूँ, नही लगा सकता मोल कोई अनुभूत संवेदनाओं का।

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Sadhna Mishra Lakhnavi
Book Published (1)

साधना मिश्रा
माँ का नाम श्रीमती सुधा त्रिपाठी
पिता पंडित प्रहलाद नारायण त्रिपाठी
पति श्री सुशील कुमार मिश्र।
रुचियाँ पठन-पाठन, लेखन, मंच संचालन आदि।
स्थायी निवास लखनऊ, उत्तरप्रदेश
जन्म-तिथि 25 सितम्बर, 1958
जन्मस्थान नैमिषारण्य क्षेत्र के अंतर्गत कल्ली गाँव, जिला सीतापुर, उत्तरप्रदेश
शिक्षा एम. ए (संस्कृत), बी.एड. पंतनगर विश्व विद्यालय, नैनीताल, इस समय उधमसिंह नगर उत्तराखंड।
सेवा कार्य 26 वर्ष अध्यापन कार्य, अंतिम 15, वर्ष प्रधानाचार्य पद पर कार्य करते हुए, सेवा मुक्त।
विधा कविता, आलेख, कहानी, निबंध आदि विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।
सामाजिक सेवा इंटरनेशनल लायंस क्लब, की सक्रिय सदस्या। निर्बल आयवर्ग के अंतर्गत बच्चों की दिशा व दशा सुधारने हेतु संचालित माँ अन्नपूर्णा संस्था की सक्रिय व आजीवन सदस्या।
संप्रति उत्कृष्ट लेखन ही उद्देश्य हमारा समाज सेवा है संकल्प हमारा
प्रकाशित रचनाएँ उम्मीदों का नया सवेरा (कहानी संग्रह),  काव्य सोपान (काव्य संग्रह),  एक संकलनकर्ता के अंतर्गत.. रिश्ते-कितने पास, किंतने दूर।  15, साझा- संकलन में प्रतिभागिता।
उपलब्धियांँ राजभाषा सम्मान 2020 का ‘परमवीर चक्र सृजन सम्मान’  हिंदी भवन नई दिल्ली में.. 2020,
‘लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड’ में  रचना सम्मिलि ‘भारत-रत्न सृजक सम्मान’, हिंदी भवन नई दिल्ली.. 2022, अखंड-काव्यायन,  प्रथम विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित पंडित जवाहर लाल नेहरू जी, भारत रत्न  अटल बिहारी जी, काकभुशुण्डि जी, एवं पर लिखी रचनाएं  गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड  में शामिल व सम्मान पत्र,प्राप्त,  ‘’अटल शब्दांजली’ सम्मान-पत्र, अखण्ड काव्यार्चन , सम्मान पत्र ,उत्तर प्रदेश महोत्सव, मंच नारी शक्ति सम्मान परमवीर चक्र विजेताओं की गाथाएं पुस्तक हेतु शौर्य कथाकार रत्न, अंतरराष्ट्रीय  काव्य-कुल गौरव सम्मान देशभक्ति सम्मान व रिमझिम फुहार साहित्य श्री,  मातृ शक्ति, विशिष्ट  नारी  राष्ट्र-गौरव, सम्मान,   उत्कृष्ट लेखन  प्रशस्ति पत्र  इत्यादि।
साहित्य सारथी, काव्यकुल सृजक, ग्लोबल-गुरु शिक्षा विद सम्मान परमवीर चक्र सृजन सम्मान  साहित्योदय  राम -रत्न सम्मान, अंतरराष्ट्रीय काव्यमंच, सशक्त नारी उत्तर प्रदेश, महोत्सव मंच  से विशिष्ट नारी सम्मान।
Email sadhnamishra1958@gmail. com Youtube link. https://youtube.com/c/sadhnamishra

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Samta Aruna
Book Published (3)

समता ‘अरुणा’ का जन्म सन् 1976 में हरियाणा में रेवाड़ी जिले के ठोठवाल नामक गाँव में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गाँव में ही हुई। उन्होंने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी (हरियाणा) से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से प्रभाकर करने के बाद, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गुड़गाँव (गुरुग्राम) से O.T हिंदी का डिप्लोमा प्राप्त किया। उन्होंने स्नात्कोत्तर (इतिहास) की शिक्षा पत्राचार माध्यम से पूरी की। वे पिछले 27 वर्षों से शिक्षा विभाग हरियाणा में हिंदी अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए, हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा ‘राज्य शिक्षक पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। बौद्धिक एवं आध्यात्मिक परिवेश में पली-बढ़ी समता ‘अरुणा’ बचपन से ही साहित्य में रुचि रखतीं हैं। वे साहित्य संस्कृति मंच, राष्ट्रीय कवि, शब्द सृजन संस्थान, इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फेस्टिवल आदि विभिन्न साहित्यिक मंचों से जुड़ी हुई हैं। संप्रति : वे स्वतंत्र लेखन कर रही हैं।

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Samunder Singh Panwar
Book Published (2)

समुन्द्र सिंह पंवार
नाम समुन्द्र सिंह पंवार
पिता का नाम श्री जबर सिंह
माता का नाम श्रीमती राजबाला देवी
जन्म तिथि छह जुलाई , उन्नीस सौ छिहत्तर
जन्मस्थान बहलबा, रोहतक हरियाणा
शिक्षा स्नातक , हिंदी विषय में स्नातकोत्तर
एवं आशुलिपि लेखक
अभिरुचि कला, संगीत और साहित्य
प्रकाशित पुस्तक समुन्द्र सिंह काव्य-कोष, भजन-माला, चांदना-हरियाणवी गजल संग्रह, बासन्ती अंदाज साझा काव्य संग्रह, काव्य पथ पर साझा काव्य संग्रह,
काव्यवाणी साझा काव्य संग्रह, प्रेरणा काव्य संग्रह, प्यारी मां साझा काव्य  संग्रह, मयार्दा पुरुषोत्तम राम साझा काव्य संग्रह, रामदूत हनुमान साझा काव्य संग्रह,
शिव महिमा साझा काव्य संग्रह आदि-आदि ।
रचनाएँ यू ट्यूब पर अनेक भजन और गीत
अनेक पत्र -पत्रिकाओं में कविता, गजल, गीत, भजन, लेख, लघुकथा,
कहानी  आदि प्रकाशित ।
अकाशवाणी और दूरदर्शन से भजन और गीत प्रसारित ।
सम्मान सर्वश्रेष्ठ गीतकार ( 2016), साहित्य रचना सम्मान ( 2021),
नव सृजन सम्मान ( 2021 ), काव्य-गौरव सम्मान ( 2022),
हिंदी सेवी सम्मान ( 2023 )
सम्प्रति सम्पादक, साहित्य-रचना इ पत्रिका
सम्पर्क सूत्र 9812879328 ,8685995928
ई मेल samundersingh328@gmail.com

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Sangeeta Kumar Paasi
Book Published (1)

संगीता कुमारी पासी 
पिता का नाम: श्री लालचन्द पासी
माता का नाम: श्रीमती सुमित्रा देवी
शिक्षा: एम.ए.(हिन्दी), एम.फिल.(हिन्दी).
एम.ए.(हिन्दी) में प्रथम श्रेणी आने पर स्वर्णपदक,कॉटन कॉलेज राज्यिक विश्वविद्यालय ,पानबाजार  गुवाहाटी

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