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Sunita Shekhavat

इश्क मुझे तुझसे ही नहीं , तेरे होने से भी है.
अपने जीवट लक्ष्य के बेहतरीन भाव को अपने में सम्माहित उक्त पंक्तियों
को अपने जीवन में अंगीकार कर अपने लक्ष्य की और अग्रसर
जैसल सुनीता शेखावत
आपका जीवन सम्बन्ध भी प्रकृति ने बेहतरीन प्राकृत किया । आप शहीद भूमि प्रकृति की हरीतिमा की गोद गाँव पोंख ,उदयपुरवाटी (झुनझुनू) में शिक्षित सामान्य कृषक श्री सुमेरसिंह शेखावत परिवार में जन्मी संयुक्त परिवार में पली बढ़ी स्नाकोत्तर हिन्दी विषय में उत्तीर्ण है। आपमे बाल्यावस्था से ही नेतृत्व व साहित्य के प्रति सजगता रही।जिसे विवाहोपरांत स्वयं की योग्यता की दक्षता सबल करने पर समस्त परिवार सहयोग से पंख मिले। आपने लेखनी में वीर रस को प्राथमिकता दी जो रज गुण में स्वाभाविक विषय है।यही वीर रस का औज गुण आपकी ख्याति को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने के लिए प्रेरित है।आपने प्रथम सोपान सोशल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रारंभ किया । जहाँ आपकी लेखन कृति की ख्याति के फलस्वरूप मध्यप्रदेश,बिहार,उत्तरप्रदेश एवं नेपाल देश की सोशल मीडिया द्वारा सम्मानित किया गया। आपको वैदिक प्रकाशन द्वारा ह्यनारी तू नारायणीह्ण व ह्य प्रकृति तेरे रूप अनेकह्ण की ख्यातिमान कृति के कारण सम्मानित किया गया। आपको बेहतरीन राष्ट्रवादी,प्रकृति प्रेमी काव्य रचना के लिए सोशल मीडिया के मंच ह्यशब्द प्रतिभा बहूक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपालह्ण,ह्णप्रेरणा हिन्दी प्रचार सभा भारतह्ण ,साहित्य मीडिया ,विश्व हिन्दी परिषद एवं अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन -2023 में श्री रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती पर विज्ञान भवन में अपनी बेहतरीन काव्य रचना एवं वक्ता के रूप में ख्याति प्राप्त सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
आपको राज्य की राजपूत सर्वोत्तम सहयोग संस्थान जयपुर की सामाजिक संस्था द्वारा साहित्य रत्न सम्मान 2024 द्वारा सम्मानित किया गया।
उक्त लेख लिखने तक आप विश्व हिन्दी परिषद के तत्वावधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन 25-26 जुलाई 2024 में निमंत्रित युग पुरुष श्री अरविन्द के सम्मान में आयोजित विषय हिन्दी भाषा और विकसित भारत में अपनी काव्य लेखनी के ह्यऔजस वीर रसह्ण की रचना के साथ सहभागी वक्ता है।उक्त ख्याति नाम आयोजन में आप श्रीमती जैसल सुनीता शेखावत को अपनी औजसमयी वीर रस की काव्य रचना एवं वक्ता के रूप सम्मानित किया गया।
आपको हाल ही में नीति आयोग द्वारा रजिस्टर्ड संस्थाओं द्वारा स्वामी विवेकानंद गौरव सम्मान 2025,हिंदी गौरव सम्मान 2025, श्री वाल्मीकि साहित्य रत्न 2025 से सम्मानित किया गया है!
लेखिका जैसल सुनीता शेखावत अपनी लेखनी एवं वक्ता के माध्यम से राष्ट्रीय भाषा हिन्दी की वैश्विक ख्याति के साथ अपनी मायड़ भाषा राजस्थानी को राज्य भाषा का दर्जा दिलवाने के लिए प्रयासरत है।🚩
आप प्रकृति की विषम संघर्ष से औजस जैसलमेर जिÞले के गाँव हरभा जैसल (सोढ़ा) परिवार में ब्याही है।आपके पति जैसल हुकमसिंह जिÞला सहायक आबकारी अधिकारी व भाई कुलदीपसिंह शेखावत कॉपरेटिव इंस्पेक्टर है। —जैसल हुकमसिंह सोढ़ा

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