Kramshah : Rakti-Bhakti-mukti
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डॉ. एन. पी. तिवारी द्वारा रचित काव्य संग्रह “क्रमशः रक्ति-भक्ति-मुक्ति” एक भावनात्मक, आध्यात्मिक और सामाजिक यात्रा का दस्तावेज़ है। यह पुस्तक जीवन की तीन अवस्थाओं—रक्ति (आकर्षण व मोह), भक्ति (आस्था व आत्मिक शुद्धि), और मुक्ति (आध्यात्मिक स्वतंत्रता)—को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करती है। कविताएँ प्रेम, स्मृतियाँ, सामाजिक विडंबनाएँ, मानवीय मूल्यों और आत्मानुभूति से भरपूर हैं। गाँव की मिट्टी, माँ की गोद, आधुनिक समाज की विसंगतियाँ, बचपन की यादें, और देशभक्ति जैसे विषयों को गहराई से छूती हैं। कवि की लेखनी संवेदनशील, चिंतनशील और आत्म-प्रेरक है। वे विज्ञान, अध्यात्म और मानव मन की जटिलताओं को सरल शबदों में बाँधते हैं। यह संग्रह न केवल युवा पीढ़ी को दिशा देता है बल्कि वृद्धों को अतीत में लौटा ले जाता है। यह पुस्तक पाठकों को आत्मविश्लेषण, प्रेम और मुक्ति की ओर प्रेरित करती है।
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