Soniya Singh

श्रीमती सोनिया सिंह
लेखिका श्रीमती सोनिया सिंह का जन्म सन् 1977 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बांदा एवं उच्च शिक्षा पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय बांदा से प्राप्त की। समाजशास्त्र और इतिहास में स्नातकोत्तर करने के पश्चात इतिहास विषय में वॠउ-ठएळ की परीक्षा उत्तीर्ण की।
लेखिका बुंदेली समाज और संस्कृति पर निरंतर शोध रत है। लेखिका की कविताएँ, कहानियाँ और गंभीर सामाजिक-सांस्कृतिक विमर्श पर लेख सतत रूप से देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते है! बुंदेलखंड की सांस्कृतिक आत्मा से उनका गहरा जुड़ाव है! वह एक साहित्य प्रेमी तथा संवेदनशील लेखिका हैं। इस कविता संग्रह से पूर्व लेखिका की अन्य पुस्तक ‘बुंदेलखंड के मेले’ शीर्षक से प्रकाशित हो चुकी है जो बुंदेलखंड की ऐतिहासिक सांस्कृतिक झांकी प्रस्तुत करती है। प्रस्तुत काव्य संग्रह ‘आस के तोरण’ में उन्होंने आम जनमानस के जीवन के विभिन्न रंगों को सामाजिक तथा भावनात्मक परिपेक्ष्य में उकेरने का प्रयास किया है, आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि इस काव्य संग्रह की कविताएं पाठकों के मन को छूकर लेखिका की साधना को सफल करेंगी।
लेखिका श्रीमती सोनिया सिंह का जन्म सन् 1977 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बांदा एवं उच्च शिक्षा पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय बांदा से प्राप्त की। समाजशास्त्र और इतिहास में स्नातकोत्तर करने के पश्चात इतिहास विषय में वॠउ-ठएळ की परीक्षा उत्तीर्ण की।
लेखिका बुंदेली समाज और संस्कृति पर निरंतर शोध रत है। लेखिका की कविताएँ, कहानियाँ और गंभीर सामाजिक-सांस्कृतिक विमर्श पर लेख सतत रूप से देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते है! बुंदेलखंड की सांस्कृतिक आत्मा से उनका गहरा जुड़ाव है! वह एक साहित्य प्रेमी तथा संवेदनशील लेखिका हैं। इस कविता संग्रह से पूर्व लेखिका की अन्य पुस्तक ‘बुंदेलखंड के मेले’ शीर्षक से प्रकाशित हो चुकी है जो बुंदेलखंड की ऐतिहासिक सांस्कृतिक झांकी प्रस्तुत करती है। प्रस्तुत काव्य संग्रह ‘आस के तोरण’ में उन्होंने आम जनमानस के जीवन के विभिन्न रंगों को सामाजिक तथा भावनात्मक परिपेक्ष्य में उकेरने का प्रयास किया है, आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि इस काव्य संग्रह की कविताएं पाठकों के मन को छूकर लेखिका की साधना को सफल करेंगी।
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