Dr Schchinadanand Premi

डॉ. सच्चिदानन्द प्रेमी
डॉ. सच्चिदानन्द प्रेमी (डॉ सच्चिदा कुमार प्रेमी) का जन्म बिहार राज्य के मगध प्रमण्डलान्तर्गत जहानाबाद जिले के हाजीसराय ग्राम में कार्तिक शुक्ल षष्ठी 2010 संवत को एक शाकद्वीपीय ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनकी माता श्रीमती सावित्री देवी 1948 ईसवीं से ही गाँव के एक राजकीय प्राथमिक बाद में मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापिका रहीं तथा पिता श्री पं. सिया शरण शर्मा विभिन्न 27 मध्य/ उच्च/ महाविद्यालयों के संस्थापक प्रधानाध्यापक/ प्रधानाचार्य/ सचिव रहते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज-जागृति का कार्य करते रहे। स्वतंत्रता सेनानी होकर भी उन्होेंने भारत सरकार से कोई सेवा लाभ नहीं लिया। डॉ. प्रेमी की आरम्भिक शिक्षा गाँव से ही हुई। बाद में इन्होंने जन्तु विज्ञान में एम.एससी किया, शिक्षा शास्त्र में एम.एड. करने के बाद शोध कार्य भी किया, परन्तु हिन्दी प्रेम के कारण पुन: हिन्दी में एम.ए. कर इन्होंने हिन्दी में शोध कार्य पूरा किया।
कृतियाँ- प्रकाशित रचनाएँ- उदया (काव्य), निरगुंडी के फूल, पाँव में पहिया, गीत विगह के पंख खुले (काव्य), मंगल मोद बधाई (काव्य), जाग उठी तरुणाई (कहानी संग्रह) नयी कविताओं में जन जागरण एवं राष्ट्रीय चेतना का परिवेश (शोध), कौमुदी का परिहास, कैसे गाऊँ गीत?, भारतीय शिक्षा की समस्याएँ एवं निदान, भारत में बुनियादी शिक्षा का स्वरूप (शोध), पाठशाला- प्रबन्धन, पाठ्यक्रम में अ-पंच की भूमिका, शिक्षकों की कार्यधर्मिता एवं प्रकाश्य कृतियों में प्रायोगिक हिन्दी व्याकरण, रस-गगरी (मगही), करबला से किला तक, शिक्षा में गुणवत्ता का वितंडावाद, हैं।
संपादन अनुभव- प्रधान संपादक, आचार्यकुल (मासिक), अखरा (त्रैमासिक), तर्पण (सदस्य संपादक मण्डल) अन्य कई साहित्यिक पत्र पत्रिकाओं में संपादन के विभिन्न पदों पर। प्राचार्य पद से सेवानिवृत।
पुरस्कार एवं सम्मान: शिक्षा में विशिष्ट योगदान एवं नए अनुसंधान के लिए इन्हें भारत गणराज्य के माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा सम्मान से सम्मानित किया गया, वहीं शिक्षा में नवाचार के लिए राधाकृष्णन शिक्षा पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। हिन्दी साहित्य की विशिष्ट सेवा के लिए इन्हें निराला साहित्य सम्मान एवं शताब्दी साहित्यकार सम्मान (बिहार) से भी सम्मानित किया जा चुका है।
सम्प्रति- आचार्य विनोबा भावे द्वारा संस्थापित आचार्यकुल के राष्ट्रीय वरीय उपाध्यक्ष, वियोगी साहित्य परिषद् के अध्यक्ष, अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा के सभापति के रूप में कार्य करते हुए आचार्यकुल की राष्ट्रीय शिक्षा समिति के राष्ट्रीय संयोजक का कार्य भी कुशलता पूर्वक संपादित कर रहे हैं।
सम्पर्क : आनन्द विहार कुंज, माड़नपुर महाबोधि स्कूल, गया बिहार- 823001
9430837615, 7903392859
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